कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) की ब्याज दर 8.25% पर स्थिर रही है। वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए EPF और स्वैच्छिक भविष्य निधि (VPF) सेवानिवृत्ति बचत के विश्वसनीय साधन हैं। निवेशक सोच रहे हैं कि क्या VPF में योगदान जारी रखें या बेहतर लंबी अवधि के रिटर्न के लिए SIPs में अतिरिक्त बचत स्थानांतरित करें।
भारत में वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए EPF और VPF सेवानिवृत्ति के लिए महत्वपूर्ण बचत विकल्प हैं। हाल ही में घोषित EPF ब्याज दर 8.25% पर ही बनी रही है, जो पिछले वर्ष के समान है। यह दर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा तय की जाती है।
कई निवेशक अब VPF में अतिरिक्त योगदान पर पुनर्विचार कर रहे हैं, क्योंकि SIPs इक्विटी बाजार में निवेश के माध्यम से उच्च रिटर्न प्रदान कर सकते हैं। हालांकि, VPF की दर गारंटीड है, जबकि SIPs बाजार जोखिमों के अधीन हैं। स्रोतों के अनुसार, निवेशक अपनी जोखिम सहनशीलता और वित्तीय लक्ष्यों के आधार पर निर्णय लें।
EPFO के आंकड़ों के अनुसार, EPF सदस्यों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन बाजार की अस्थिरता के कारण विविधीकरण महत्वपूर्ण है।