लखनऊ के आशियाना इलाके में 20 फरवरी 2026 को सुबह करीब साढ़े चार बजे व्यापारी मानवेंद्र सिंह की उनके बेटे अक्षत ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद कोई गोली की आवाज नहीं सुनी गई और बेटी कृति ने शव देखने के बावजूद तीन दिनों तक सामान्य व्यवहार किया। पुलिस जांच में कवर-अप के संकेत मिले हैं, जिसमें व्हाट्सएप ग्रुप और दीवारों पर पेंटिंग शामिल है।
लखनऊ के आशियाना इलाके में 20 फरवरी 2026 को भोर में व्यापारी मानवेंद्र सिंह की हत्या उनके बेटे अक्षत प्रताप सिंह ने की, ऐसा पुलिस का कहना है। घटना करीब साढ़े चार बजे हुई, जब गोली घर के अंदर चली लेकिन परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों को इसकी आवाज नहीं सुनाई दी। जांचकर्ताओं के अनुसार, यह घर की संरचना या अन्य कारणों से हो सकता है, हालांकि फॉरेंसिक रिपोर्ट इसका खुलासा करेगी।
मानवेंद्र के 11वीं कक्षा की बेटी कृति ने घटना के बाद पिता का शव देखा लेकिन चुप रही और सामान्य दिनचर्या जारी रखी। वह परीक्षा देने गई, पड़ोसी के घर पढ़ाई करने गई और सहेलियों से बात की बिना किसी संकेत के। पुलिस ने 40 मिनट की पूछताछ के बाद उसके बयान दर्ज किए हैं और जांच रही है कि यह डर था या कुछ और। पड़ोसी उदयवीर सिंह के परिवार ने बताया कि कृति रोज आती थी और सामान्य लगती थी।
हत्या के बाद अक्षत ने कवर-अप की कोशिश की। उसने 'पापा लौट आओ' नामक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जिसमें पिता के दोस्तों को जोड़ा और भावुक संदेश भेजे जैसे 'पापा आप कहां हैं, वापस आ जाइए'। यह ग्रुप न केवल अपील था बल्कि दोस्तों की प्रतिक्रियाओं पर नजर रखने का माध्यम भी। अक्षत ने ब्लिंकिट से चाकू खरीदे, नीला ड्रम और आरी लाई, और खून के निशान मिटाने के लिए दीवारों पर पेंट कराया। लोकेशन ट्रैकिंग से पता चला कि 20 फरवरी को वह काकोरी गया था ताकि अंतिम लोकेशन घर न दिखे।
परिवार में तनाव था; मानवेंद्र बेटी की हरकतों से सख्त हो गए थे और दूसरी शादी नहीं की। पुलिस ने फॉरेंसिक सैंपल लिए, पोस्टमॉर्टम कराया और बैलिस्टिक जांच चल रही है। सदारुना नहर पर सबूत जलाने के संकेत भी हैं। जांचकर्ता कहते हैं कि कवर-अप हत्या जितना ही महत्वपूर्ण है।