अमेरिका और इज़राइल ने 28 फरवरी 2026 को ईरान पर हवाई हमले किए, जिसमें सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इज़राइल और खाड़ी देशों पर हमले किए, जिससे क्षेत्रीय संघर्ष बढ़ गया। भारत में उड़ान रद्दीकरण और कश्मीर में विरोध प्रदर्शन जैसी घटनाएं हुईं।
28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर 'पूर्वानुमानित' हमले शुरू किए, जिसमें खामेनेई और कई वरिष्ठ अधिकारियों की मौत हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह अभियान कई सप्ताह चलेगा और ईरानियों को सरकार बदलने का मौका दिया। इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे 'शांति का द्वार' बताया और ईरान के नए परमाणु स्थलों का हवाला दिया।
ईरान ने जवाब में इज़राइल पर हमले किए और खाड़ी में लक्ष्यों को निशाना बनाया, जिसमें सऊदी अरब के रियाद में अमेरिकी दूतावास पर दो ड्रोन हमले शामिल हैं, जो सीमित आग और मामूली क्षति का कारण बने। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बहरीन में अमेरिकी हवाई अड्डे पर ड्रोन और मिसाइल हमला किया। ट्रंप ने रियाद हमले पर 'जल्द' जवाब देने का संकेत दिया।
इस संघर्ष से पश्चिम एशिया में हवाई क्षेत्र बंद हो गए, जिससे वैश्विक उड़ानें प्रभावित हुईं। भारत में, बेंगलुरु हवाई अड्डे पर 42 उड़ानें रद्द हुईं, और दिल्ली में 36 प्रस्थान तथा 44 आगमन रद्द। इंडिगो ने जेद्दा से 10 विशेष उड़ानें संचालित कीं, जबकि स्पाइसजेट ने फुजैराह से चार। महाराष्ट्र और झारखंड सरकारों ने फंसे हुए नागरिकों के लिए हेल्पलाइन जारी कीं।
कश्मीर में खामेनेई की हत्या के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध हुए, जिसमें 75 रैलियां हुईं और 14 लोग घायल हुए। प्रतिबंध दूसरी दिन भी लागू रहे, स्कूल बंद और इंटरनेट धीमा। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने मोदी सरकार की चुप्पी को 'त्याग' बताया और संसदीय बहस की मांग की।
ईरान में खामेनेई की पत्नी मंसoureह खोजस्तेह की भी मौत हो गई। सोना की कीमतें 1% बढ़कर 5,377.21 डॉलर प्रति औंस हो गईं। अमेरिकी विदेश विभाग ने 13 देशों से नागरिकों को तुरंत लौटने की सलाह दी।