शिवाजी जयंती के अवसर पर पुणे के शिवनेरी किले में भीड़ के अनियंत्रित होने से भगदड़ मच गई, जिसमें कई महिलाओं और बच्चों को चोटें आईं। अपर्याप्त पुलिस तैनाती के कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। संकरे प्रवेश और निकास द्वारों पर लोगों का एक साथ आगे बढ़ना भगदड़ का कारण बना।
शिवाजी जयंती के उपलक्ष्य में पुणे के शिवनेरी किले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, लेकिन अपर्याप्त पुलिस व्यवस्था के कारण भीड़ अनियंत्रित हो गई। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, हाथी दरवाजा और गणेश दरवाजा जैसे संकरे प्रवेश और निकास बिंदुओं पर, जो अंबेखाना के नीचे स्थित हैं, कई लोग एक साथ आगे बढ़े, जिससे भगदड़ मच गई।
इस घटना में विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों को चोटें आईं। स्थिति कुछ समय तक तनावपूर्ण बनी रही, क्योंकि पुलिस बल की कमी से भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया। किले में पहुंचने वाले लोगों की अचानक बढ़ती संख्या ने प्रवेश द्वारों पर दबाव बढ़ा दिया।
यह घटना 19 फरवरी 2026 को हुई, जब शिवाजी जयंती के उत्सव के दौरान किले में श्रद्धा का सैलाब उमड़ा। स्रोतों के अनुसार, भगदड़ जैसी स्थिति से कई लोग प्रभावित हुए, लेकिन घायलों की सटीक संख्या का उल्लेख नहीं किया गया। स्थानीय प्रशासन ने बाद में स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए।