भारत में महिलाएं जेनरेटिव एआई सीखने को तेजी से अपना रही हैं, भले ही कुल नामांकन कम हो, फिर भी पुरुषों की तुलना में ऑनलाइन जेनएआई कोर्स अधिक दर से पूरा कर रही हैं। कورسेरा की नई रिपोर्ट उभरती भागीदारी, प्रमुख सीखने के रुझानों और महिलाओं की भारत के एआई-तैयार कार्यबल को आकार देने में बढ़ती भूमिका को उजागर करती है।
कورسेरा की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत में जेनरेटिव एआई (GenAI) कोर्स में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। रिपोर्ट बताती है कि हालांकि कुल नामांकन में महिलाओं की संख्या पुरुषों से कम है, लेकिन कोर्स पूरा करने की दर महिलाओं में अधिक है। यह प्रवृत्ति महिलाओं को भारत के एआई-तैयार कार्यबल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की ओर इशारा करती है।
रिपोर्ट प्रमुख सीखने के रुझानों पर प्रकाश डालती है, जो जेनएआई शिक्षा में महिलाओं की बढ़ती रुचि को दर्शाते हैं। कورسेरा के अनुसार, महिलाएं एआई कोर्स में सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं, जो तकनीकी क्षेत्र में लिंग समानता को बढ़ावा दे सकती है। यह रिपोर्ट 10 मार्च 2026 को प्रकाशित हुई थी।
कीवर्ड्स जैसे एआई कोर्स, महिलाओं के एआई कोर्स, जेनएआई कोर्स और एआई-तैयार कार्यबल इस रिपोर्ट के फोकस को रेखांकित करते हैं।