कनाडा ने गैंग-नेतृत्व वाली वसूली रैकेट से जुड़े तीन विदेशी नागरिकों को निर्वासित कर दिया है। यह कार्रवाई भारतीय स्वामित्व वाले व्यवसायों और घरों पर बढ़ते हमलों के बाद की गई है। अधिकारियों ने 78 अन्य लोगों की जांच भी शुरू की है।
कनाडा में भारतीय समुदाय को निशाना बनाने वाले गैंग वसूली मामलों में तीन विदेशी नागरिकों को देश से बाहर कर दिया गया है। यह कदम ब्रिटिश कोलंबिया और ब्रैम्पटन जैसे क्षेत्रों में भारतीय व्यवसायों और आवासों पर हुए हमलों की बढ़ती संख्या के बाद उठाया गया। कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) ने इन व्यक्तियों को लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी ब्रार जैसे गैंग्स से जुड़े पाया।
हमलों में गोलीबारी जैसी घटनाएं शामिल हैं, जो भारतीय डायस्पोरा को डराने का प्रयास प्रतीत होती हैं। अधिकारियों के अनुसार, ये रैकेट संगठित अपराध का हिस्सा हैं और वसूली के लिए हिंसा का इस्तेमाल करते हैं। अब तक 78 अन्य संदिग्धों की पहचान की गई है, जिनकी जांच जारी है।
यह घटना कनाडा में भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर सवाल उठाती है, जहां ब्रैम्पटन जैसे शहरों में बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं। CBSA ने कहा कि निर्वासन अभियान को और तेज किया जाएगा ताकि ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।