कनाडा के स्थायी निवासियों, खासकर भारतीय मूल के लोगों को अब 30 से अधिक देशों में वीजा-फ्री या ऑन-अराइवल एंट्री मिलती है। भारतीय पासपोर्ट की तुलना में यह एक बड़ा लाभ है, जो यात्रा को आसान बनाता है। पीआर कार्ड धारक बिना जटिल वीजा प्रक्रियाओं के छुट्टियां या बिजनेस ट्रिप कर सकते हैं।
भारत के कई नागरिक कनाडा में स्थायी निवासी (पीआर) बन चुके हैं, जिनके पास भारतीय पासपोर्ट के साथ कनाडा का पीआर कार्ड भी है। यह डबल सुविधा प्रदान करता है, क्योंकि कनाडा पीआर दुनियाभर के करीब 30 देशों में वीजा-फ्री या ऑन-अराइवल एंट्री की अनुमति देता है। भारतीय पासपोर्ट वीजा-ऑन-अराइवल रैंकिंग में लगभग 80वें स्थान पर है, जबकि कनाडा पीआर या नागरिकता धारकों को दर्जनों देशों में आसान पहुंच मिलती है।
इसका मतलब है कि कनाडा में बसे भारतीय अब एम्बेसी अपॉइंटमेंट या लंबी वीजा प्रक्रिया के बिना कई देशों की यात्रा कर सकते हैं। कनाडा की नागरिकता लेने पर ये लाभ और बढ़ जाते हैं। प्रमुख देशों में मेक्सिको, कोस्टा रिका, पनामा, दुबई (यूएई), कतर, ओमान, थाईलैंड, मलेशिया, सिंगापुर, हांगकांग, चिली, कोलंबिया, पेरू, जॉर्जिया, सर्बिया, बोस्निया, मोंटेनेग्रो, बहरीन, अजरबैजान और आर्मेनिया शामिल हैं। कुछ देशों जैसे पेरू और सिंगापुर में यह सुविधा विशेष रूप से भारतीय या चीनी पीआर धारकों के लिए लागू होती है, सभी पीआर धारकों के लिए नहीं।
ये नियम समय के साथ बदल सकते हैं, इसलिए यात्रा से पहले जांच जरूरी है। यह सुविधा भारतीय डायस्पोरा के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा को अधिक स्वतंत्र और सुविधाजनक बनाती है। (टोरंटो, 12 नवंबर 2025)