भारत सरकार ने स्टारलिंक को व्यावसायिक सेवाएं शुरू करने की अंतिम मंजूरी रोक दी है। ईरान संघर्ष में टर्मिनलों के कथित इस्तेमाल को लेकर चिंताएं उठी हैं।
सरकार ने गृह मंत्रालय के अधीन सुरक्षा एजेंसियों के माध्यम से स्टारलिंक की अंतिम सुरक्षा मंजूरी रोक रखी है। स्टारलिंक को लगभग एक साल पहले जीएमपीसीएस लाइसेंस मिल चुका था लेकिन ग्राहकों के लिए सेवा शुरू करने के लिए अंतिम मंजूरी अभी बाकी है।
सूत्रों के अनुसार सरकार यह जांच कर रही है कि कंपनी भारत की सुरक्षा शर्तों का पालन सुनिश्चित कर सकती है या नहीं। स्टारलिंक ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था दिखाई है लेकिन अधिकारियों को और स्पष्टीकरण तथा अतिरिक्त उपायों की जरूरत है।
इस देरी से सैटेलाइट कम्युनिकेशन के लिए स्पेक्ट्रम तय करने की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है। दूरसंचार विभाग ने ढांचा तैयार कर लिया है लेकिन इसे केंद्रीय मंत्रिमंडल के पास नहीं भेजा गया है।