लियोनेल मेस्सी की उपस्थिति कोलकाता में हुई घटनाओं को छिपा नहीं सकी। इस आयोजन ने एक ऐसी व्यवस्था को बेनकाब किया जहां दिखावा संगठन से अधिक मायने रखता है, और प्रशंसकों को ऐसी विफलताओं की कीमत चुकानी पड़ी जो उनकी गलती नहीं थी।
कोलकाता में लियोनेल मेस्सी के दौरे के दौरान आयोजित कार्यक्रम एक बड़ी असफलता साबित हुआ। प्रशंसकों को ठगा गया क्योंकि प्राथमिकता वीआईपी को दी गई, जबकि संगठन की कमी स्पष्ट थी। मेस्सी की मौजूदगी के बावजूद, घटना ने दिखाया कि कैसे दिखावे पर जोर दिया जाता है, लेकिन वास्तविक व्यवस्था की उपेक्षा की जाती है।
इस कार्यक्रम में सॉल्ट लेक स्टेडियम का उपयोग हुआ, जहां प्रशंसक इंतजार करते रहे लेकिन व्यवस्था फेल हो गई। कीवर्ड्स से संकेत मिलता है कि सतद्रु दत्ता की गिरफ्तारी और अन्य मुद्दे जुड़े हो सकते हैं, लेकिन मुख्य रूप से यह प्रशंसकों की निराशा पर केंद्रित है। ममता बनर्जी और अन्य नाम जुड़े हैं, लेकिन स्रोतों में विस्तार नहीं है।
यह घटना भारतीय फुटबॉल आयोजनों में प्राथमिकताओं की गलतियों को उजागर करती है, जहां प्रशंसक सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।