भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय मोहपात्रा ने कहा कि इस वर्ष इंडो-गंगा मैदान के उत्तरी हिस्सों, पूर्वी तटीय राज्यों, गुजरात, महाराष्ट्र और आसपास के क्षेत्रों में सामान्य से अधिक तापलहर के दिन होंगे। उन्होंने 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान वाली जलवायु रूप से संवेदनशील क्षेत्रों का उल्लेख किया। प्रभावित आबादी की मदद के लिए व्हाट्सएप समूह और प्रदर्शन बोर्ड जैसे उपाय किए जा रहे हैं।
नई दिल्ली में सोमवार को बोलते हुए आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय मोहपात्रा ने कहा कि इंडो-गंगा मैदान के उत्तरी हिस्सों, पूर्वी तटीय राज्यों और गुजरात, महाराष्ट्र जैसे पश्चिमी राज्यों में इस वर्ष सामान्य से अधिक तापलहर के दिन होंगे।
उन्होंने बताया कि विदर्भ क्षेत्र में इस समय का सामान्य तापमान 41-42 डिग्री सेल्सियस है, जबकि उत्तर प्रदेश और हरियाणा में मई में 40-44 डिग्री तक पहुंचता है। "इसलिए हमें ऐसे उच्च तापमान वाले दिनों के लिए तैयार रहना चाहिए," मोहपात्रा ने कहा।
कमजोर आबादी की मदद के लिए आईएमडी ने स्ट्रीट वेंडर्स और खेतिहर मजदूरों के लिए व्हाट्सएप समूह बनाए हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कॉमन अलर्ट प्रोटोकॉल के माध्यम से मोबाइल फोन पर जानकारी पहुंचाई जाती है। दिल्ली में पिछले वर्ष रिक्शा चालकों और घरेलू कामगारों के संघों को एसोसिएशन सचिवों के जरिए व्हाट्सएप पर सूचना दी गई।
आईएमडी फरवरी के अंत में मार्च-मई के लिए पहला तापलहर पूर्वानुमान जारी कर चुका है, जिसे मार्च के अंत में अप्रैल-जून के लिए अपडेट किया गया। अप्रैल, मई और जून में पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, हरियाणा, यूपी, बिहार, झारखंड, राजस्थान के दक्षिणी हिस्सों, गुजरात, मध्य प्रदेश के दक्षिणी और महाराष्ट्र के उत्तरी हिस्सों में तापलहर की स्थिति अपेक्षित है।