पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव बढ़ गया है, जहां पाकिस्तानी सेना ने काबुल, कंधार और पक्तिया में हवाई हमले किए। तालिबान सरकार ने इसे आक्रामक बताते हुए जवाबी हमले किए और पाकिस्तानी चौकियों पर कब्जे का दावा किया। संयुक्त राष्ट्र ने दोनों पक्षों से कूटनीति के जरिए विवाद सुलझाने की अपील की है।
27 फरवरी 2026 को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल और कंधार तथा पक्तिया प्रांत में हवाई हमले किए, जो अफगानिस्तान द्वारा 26 फरवरी को किए गए सीमा पार हमले के जवाब में थे। अफगानिस्तान ने कहा कि उनका हमला 22 फरवरी को पाकिस्तानी हवाई हमलों का बदला था, जिनमें कथित रूप से उग्रवादियों को निशाना बनाया गया था।
अफगान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने बताया कि काबुल में तीन धमाके सुने गए, लेकिन हताहतों की तत्काल जानकारी नहीं मिली। उन्होंने कहा कि अफगान बलों ने कंधार और हेलमंद दिशाओं में पाकिस्तानी सैनिकों के खिलाफ व्यापक जवाबी अभियान चलाया। अफगानिस्तान ने दावा किया कि उन्होंने 15 से अधिक पाकिस्तानी चौकियां कब्जा लीं, दर्जनों सैनिक मारे गए और हथियार जब्त किए। हालांकि, पाकिस्तान ने इन दावों को खारिज कर दिया और कहा कि कोई चौकी कब्जाई नहीं गई।
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा कि हमलों में अफगान तालिबान के रक्षा ठिकानों को निशाना बनाया गया। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अफगान तालिबान के खिलाफ 'ओपन वॉर' घोषित की। पाकिस्तान ने दावा किया कि उसके हमलों में 133 तालिबान लड़ाके मारे गए, जबकि अफगानिस्तान ने 55 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत का दावा किया। पाकिस्तान ने कहा कि केवल दो सैनिक मारे गए।
तोर्खम सीमा के पास सिविलियन कैंप में सात लोग घायल हुए। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चिंता जताई और कूटनीति की सलाह दी। कतर-मध्यस्थता वाला युद्धविराम खतरे में है। एक पाकिस्तानी फाइटर जेट को मार गिराने का अफगान दावा अनिश्चित है, क्योंकि पाकिस्तान ने इसकी पुष्टि नहीं की।