संसद का बजट सत्र 28 जनवरी 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संयुक्त संबोधन के साथ शुरू हो रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश करेंगी। विपक्ष मनरेगा, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है।
संसद का बजट सत्र बुधवार, 28 जनवरी 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में अभिभाषण के साथ शुरू हो रहा है। यह सत्र दो चरणों में चलेगा: पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक और दूसरा 9 मार्च से 2 अप्रैल तक, कुल 30 बैठकें होंगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करेंगी, जो रविवार को होने के बावजूद विशेष रूप से निर्धारित है।
सत्र शुरू होने से एक दिन पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और कांग्रेस नेता जयराम रमेश सहित विभिन्न दलों के नेता शामिल हुए। सरकार का उद्देश्य सत्र को बिना बड़े गतिरोध के सुचारू रूप से चलाना है।
विपक्ष ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है। सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई कांग्रेस संसदीय रणनीति समूह की बैठक में मनरेगा (MGNREGA), विशेष गहन संशोधन (SIR), पर्यावरणीय मुद्दे, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर और विदेश नीति जैसे विषयों पर चर्चा का फैसला लिया गया। कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने कहा, "मनरेगा सबसे बड़ा मुद्दा है। पर्यावरणीय मुद्दे, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर का मामला तथा विदेश नीति के मुद्दे भी उठाए जाएंगे।" इस बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी भी मौजूद थे।
मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार सुबह विपक्षी दलों की एक और बैठक बुलाई है, ताकि संयुक्त रणनीति बनाई जा सके। सत्र के पहले चरण में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और बजट पर चर्चा होगी।