भारत की दूसरी तिमाही की जीडीपी वृद्धि 8.2 प्रतिशत रही, जो अनुमानों से अधिक थी। इसकी वजह से 1 दिसंबर 2025 को शेयर बाजार में जोरदार तेजी आई और सेंसेक्स तथा निफ्टी ने नए रिकॉर्ड बनाए। शुरुआती कारोबार में कई शेयरों ने उछाल दिखाया।
भारत सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़े जारी किए, जिसमें अर्थव्यवस्था 8.2 प्रतिशत बढ़ी। यह पिछले वर्ष की समान अवधि के 5.6 प्रतिशत से काफी अधिक है और सभी अनुमानों को पार कर गई। इस सकारात्मक डेटा का असर 1 दिसंबर 2025 को भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा, जहां सप्ताह के पहले कारोबारी दिन में तूफानी तेजी देखी गई।
बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद भाव 85,706.67 से ऊपर चढ़ते हुए 86,065.92 पर खुला और जल्द ही 86,159.02 के नए 52-सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह, एनएसई निफ्टी 26,202.95 के पिछले बंद से बढ़कर 26,325.80 पर खुला, जो इसका नया उच्च स्तर है। बाद के शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 86,022.54 पर 0.37 प्रतिशत ऊपर और निफ्टी 26,287.20 पर 0.32 प्रतिशत ऊपर ट्रेड कर रहा था।
इस तेजी के बीच लार्जकैप शेयरों में अदानी पोर्ट्स 2 प्रतिशत, कोटक बैंक 1.50 प्रतिशत और ईटर्नल 1.15 प्रतिशत ऊपर थे। मिडकैप में एजिस 7.20 प्रतिशत, एंड्योरेंस 3.80 प्रतिशत और अन्य ने अच्छा प्रदर्शन किया। स्मॉलकैप में साल्जेरे इलेक्ट्रिक 9.10 प्रतिशत और टीएआरसी 7.50 प्रतिशत चढ़े।
हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 28 नवंबर को शेयरों में 3,795.72 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी। रुपये की स्थिति मिश्रित रही, जो डॉलर के मुकाबले 89.46 पर 1 पैसे की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था। ब्रेंट क्रूड 63.35 डॉलर प्रति बैरल पर 1.57 प्रतिशत ऊपर था। विशेषज्ञों के अनुसार, यूएस-भारत व्यापार संबंधों में सुधार से रुपये को मजबूती मिल सकती है।
(नोट: निवेश से पहले विशेषज्ञ सलाह लें।)