छत्तीसगढ़ के रायपुर में राम कृष्ण केयर अस्पताल के सेप्टिक टैंक को साफ करते समय तीन मजदूर जहरीली गैस से बेहोश होकर मर गए, जबकि चौथा गंभीर रूप से घायल है। घटना ने सफाईकर्मियों की सुरक्षा पर बहस छेड़ दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है।
17 मार्च 2026 को रायपुर के पचपेड़ी नाका क्षेत्र स्थित राम कृष्ण केयर अस्पताल में लगभग 20 फीट गहरे सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान तीन मजदूरों की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, मजदूरों ने उचित सुरक्षा उपकरणों के बिना टैंक में प्रवेश किया था। मृतकों की पहचान अनमोल मांझी (25), गोविंद सेंडरे (35) और सत्यम कुमार (22) के रूप में हुई, जो सभी सिमरन सिटी के निवासी थे। चौथा मजदूर गंभीर हालत में इलाजरत है। पश्चिम जोन के डीसीपी संदीप पटेल ने बताया, 'पहला मजदूर ठेकेदार के निर्देश पर अंदर गया और बेहोश हो गया। अन्य दो सहकर्मी ढूंढने गए, फिर चौथा रस्सी से बंधा था लेकिन वह भी बेहोश हो गया।' पुलिस ने 18 मार्च को एफआईआर दर्ज की। परिवारों ने असुरक्षित स्थितियों और शवों को वैन में फेंकने का आरोप लगाया। अस्पताल के बाहर हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए। विपक्षी कांग्रेस के सुरेंद्र वर्मा ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नगर निकाय की अनुमति बिना सीवर में प्रवेश पर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने 'मैनुअल स्कैवेंजर्स और उनकी पुनर्वास अधिनियम, 2013' की बैठक में परिवारों को सहायता और दोषियों पर सख्ती का आदेश दिया। सोनमणि बोराह ने बताया कि अधिनियम में जबरन मैनुअल स्कैवेंजिंग पर एक वर्ष कारावास या 50,000 रुपये जुर्माना है।