चुनाव फंडिंग

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इलेक्टोरल बॉन्ड योजना के समाप्त होने के बाद राजनीतिक फंडिंग में भारी बदलाव आया है, जहां भाजपा को कुल फंडिंग का 85 प्रतिशत मिला है। विपक्षी दलों को न्यूनतम हिस्सा मिला, जो योजना के दौरान अधिक संतुलित था। लेखक सवाल उठाते हैं कि क्या शासक दल को गुमनामी भंग करने से फायदा हुआ।

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