नई दिल्ली के भारत मंडपम में भारत एआई इंपैक्ट समिट 2026 का चौथा दिन शुरू हो रहा है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन सत्र में संबोधन देंगे। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी प्रमुख वक्ता होंगे। समिट में एआई गवर्नेंस और वैश्विक सहयोग पर चर्चा होगी, साथ ही गलगोटियास यूनिवर्सिटी की रोबोडॉग विवाद भी सुर्खियों में है।
भारत एआई इंपैक्ट समिट 2026 का चौथा दिन 19 फरवरी 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह करीब 9:40 बजे उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे और 10:25 बजे संबोधन देंगे, जिसमें जिम्मेदार और समावेशी 'सॉवरेन एआई' पर भारत की प्राथमिकताओं पर जोर दिया जाएगा। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोशल मीडिया पर पीएम मोदी के साथ एआई-जनरेटेड फोटो साझा की, लिखते हुए 'जब दोस्त जुड़ते हैं, नवाचार होता है। एआई इंपैक्ट समिट के लिए तैयार!'।
समिट में 60 से अधिक देशों से 2.5 लाख से ज्यादा प्रतिभागी शामिल हैं, जिनमें 500 से अधिक एआई लीडर्स, 100 से अधिक सरकारी प्रतिनिधि (20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री), 150 शिक्षाविद और सैकड़ों उद्योग विशेषज्ञ हैं। पीएम मोदी का शेड्यूल व्यस्त रहेगा: सुबह 11 बजे एआई इंपैक्ट एक्सपो का दौरा, दोपहर 12 बजे लीडर्स प्लेनरी में भागीदारी जहां एआई पर राष्ट्रीय और वैश्विक प्राथमिकताओं पर चर्चा होगी, और शाम 5:30 बजे सीईओ राउंडटेबल। प्रमुख वक्ताओं में रिलायंस चेयरमैन मुकेश अंबानी, ओपनएआई सीईओ सैम ऑल्टमैन, विप्रो के रिशद प्रेमजी और माइक्रोसॉफ्ट के बिल गेट्स शामिल हैं।
हालांकि, समिट की पूर्व संध्या पर गलगोटियास यूनिवर्सिटी विवाद ने सुर्खियां बटोरीं। यूनिवर्सिटी ने चीनी कंपनी यूनिट्री का रोबोडॉग और कोरियाई ड्रोन सॉकर एरिना को अपना बताया, जिसकी वायरल वीडियो के बाद आलोचना हुई। प्रोफेसर नेहा सिंह ने इसे कैंपस सर्विलांस डिवाइस बताया था। यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने रोबोडॉग नहीं बनाया, बल्कि छात्रों को एआई प्रोग्रामिंग सिखाने के लिए इस्तेमाल किया। बाद में माफी मांगी और प्रोफेसर को 'असूचित' बताते हुए जिम्मेदारी डाली। केंद्र ने स्टॉल खाली कराने का आदेश दिया। आईटी सचिव एस कृष्णन ने कहा, 'हम विवाद नहीं चाहते। प्लेजरिज्म या मिसइनफॉर्मेशन को प्रोत्साहन नहीं दिया जा सकता।' अतिरिक्त सचिव अभिषेक सिंह ने कहा, 'उन्होंने गुमराह किया। पूरी दुनिया यहां है।' केंद्र ने प्रदर्शकों को चेतावनी दी कि दूसरों के उत्पाद न दिखाएं।
दिल्ली में 22 राष्ट्राध्यक्षों के आगमन से ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। समिट एआई गवर्नेंस, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश और शोध सहयोग पर केंद्रित है।