नई दिल्ली में भारत मंडपम में आज से शुरू हो रहा एआई इम्पैक्ट समिट 2026 वैश्विक दक्षिण का पहला प्रमुख एआई सम्मेलन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शाम 5 बजे इसका उद्घाटन किया, जिसमें विश्व नेता, सीईओ और विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। थीम 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' के तहत एआई के मानव-केंद्रित उपयोग पर चर्चा होगी।
एआई इम्पैक्ट समिट 2026 16 से 20 फरवरी तक चलेगा, जो एआई के नवाचार, सहयोग और जिम्मेदार उपयोग पर वैश्विक संवाद को समृद्ध करेगा। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, 'भारत एआई परिवर्तन के अग्रिम में खड़ा है, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर स्टार्टअप इकोसिस्टम तक।' समिट में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा, भूटान के पीएम त्सेरिंग टोबगे जैसे नेता शामिल हैं। तकनीकी दिग्गज जैसे गूगल के सुंदर पिचाई, ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन, रिलायंस के मुकेश अंबानी भी उपस्थित हैं।
पहले दिन सड़क सुरक्षा, सीखने और कार्य के भविष्य, न्यायिक प्रणाली में एआई, रोजगार और कृषि पर सत्र होंगे। 300 से अधिक प्रदर्शनियां लोगों, पृथ्वी और प्रगति थीम पर आधारित हैं, जिसमें 600 स्टार्टअप्स और 13 देशों के पवेलियन शामिल हैं। यूके के डिप्टी पीएम डेविड लैमी ने कहा, 'यह समिट एआई के पूर्ण लाभों को अनलॉक करने का महत्वपूर्ण क्षण है।' समिट सात कार्य समूहों (चक्रों) पर केंद्रित है, जैसे मानव पूंजी, सुरक्षित एआई और सामाजिक सशक्तिकरण। भारत एआई को लोकतांत्रिक बनाने और वैश्विक शासन ढांचे पर जोर दे रहा है।