अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा IEEPA कानून के तहत लगाए गए टैरिफ को अवैध घोषित कर दिया। इसके कुछ घंटों बाद ट्रंप ने 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 122 के तहत सभी देशों पर 10% वैश्विक टैरिफ लगाने का कार्यकारी आदेश जारी किया। यह टैरिफ लगभग तुरंत प्रभावी हो जाएगा और 150 दिनों तक लागू रहेगा।
20 फरवरी 2026 को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) का दुरुपयोग करके टैरिफ लगाए, जो उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर था। चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि यह कानून आयात को नियंत्रित करने की अनुमति देता है, लेकिन टैरिफ लगाने का नहीं।
ट्रंप ने इस फैसले को 'शर्मनाक' बताते हुए आलोचना की और कहा कि अदालत के कुछ सदस्यों पर उन्हें शर्म आती है। उन्होंने कहा, 'मैं व्यापार को नष्ट कर सकता हूं, मैं किसी देश पर प्रतिबंध लगा सकता हूं। मैं बहुत कुछ कर सकता हूं, लेकिन 1 डॉलर का शुल्क नहीं लगा सकता? यह कितना हास्यास्पद है?' ट्रंप ने जस्टिस ब्रेट कवानॉघ के असहमति नोट का हवाला दिया।
फैसले के तुरंत बाद, ट्रंप ने ओवल ऑफिस से नए कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'मुझे यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि मैंने ओवल ऑफिस से सभी देशों पर 10% वैश्विक टैरिफ पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, जो लगभग तुरंत प्रभाव से लागू होगा।' यह टैरिफ ट्रेड एक्ट की धारा 122 के तहत लगाया गया है, जो बैलेंस ऑफ पेमेंट्स घाटे से निपटने के लिए 15% तक की अनुमति देता है, लेकिन ट्रंप ने 10% चुना। यह 150 दिनों तक चलेगा, जब तक कांग्रेस विस्तार न करे।
खारिज टैरिफ में अप्रैल 2025 के 'लिबरेशन डे' टैरिफ शामिल हैं, जिसमें दर्जनों देशों पर 50% तक रेसिप्रोकल टैरिफ और सभी पर 10% बेसलाइन था। कनाडा, मेक्सिको, चीन पर माइग्रेशन और ड्रग्स के लिए 25-35% टैरिफ, ब्राजील पर 40%, और भारत पर 50% (रूसी तेल आयात के कारण) भी प्रभावित हुए। हालांकि, हालिया भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद भारत पर टैरिफ 18% कर दिया गया।
ट्रंप प्रशासन ने धारा 232 (राष्ट्रीय सुरक्षा) और धारा 301 (अनुचित व्यापार) के तहत आगे कार्रवाई का संकेत दिया। ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि 2026 में टैरिफ राजस्व अपरिवर्तित रहेगा। पिछले वर्ष के 175 अरब डॉलर टैरिफ पर रिफंड का मुद्दा अदालत में लंबित है, और ट्रंप ने कहा कि यह दो साल तक चल सकता है।
सेक्टर-विशिष्ट टैरिफ जैसे स्टील और एल्युमिनियम पर यह फैसला लागू नहीं होता।