होली 2026 का त्योहार ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष होगा, क्योंकि कुंभ राशि में सूर्य-बुध की युति से बुधादित्य राजयोग और सूर्य-शुक्र की युति से शुक्रादित्य राजयोग बन रहा है। ये योग मेष, तुला और मकर राशियों के लिए धन, करियर और प्रेम में लाभकारी साबित हो सकते हैं। पंचांग के अनुसार, यह पर्व 4 मार्च 2026 को बुधवार को मनाया जाएगा।
नई दिल्ली, 27 फरवरी 2026। होली 2026 का उत्सव वैदिक ज्योतिष में महत्वपूर्ण योगों के कारण खास माना जा रहा है। पंचांग के अनुसार, 4 मार्च 2026 को बुधवार को यह त्योहार मनाया जाएगा। इस समय कुंभ राशि में सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य राजयोग तथा सूर्य और शुक्र की युति से शुक्रादित्य राजयोग का निर्माण हो रहा है। ज्योतिष शास्त्र में इन योगों को तरक्की, धन लाभ और सम्मान से जोड़ा जाता है।
मेष राशि के लिए यह राजयोग इनकम और लाभ के स्थान पर प्रभावी है। इससे आर्थिक लाभ, करियर में नई जिम्मेदारियां, रुके कार्यों का पूरा होना, सरकारी मामलों में सफलता तथा विदेशी कार्यों से जुड़े लोगों को फायदा मिल सकता है।
तुला राशि वालों के लिए यह योग पंचम भाव में है, जो प्रेम, संतान और शिक्षा से संबंधित है। संतान से अच्छी खबर, लव लाइफ में सुधार, रिश्तों की मजबूती, बिजनेस या पार्टनरशिप में लाभ, आर्थिक स्थिति में बेहतरी तथा दांपत्य जीवन में मिठास बढ़ने की संभावना है।
मकर राशि के जातकों के लिए यह योग धन और वाणी से जुड़े स्थानों पर बन रहा है। नौकरी या बिजनेस में प्रगति के अवसर, प्रमोशन या नई डील के संकेत, समझदारीपूर्ण निवेश से लाभ तथा परिवार में खुशियों का वातावरण रह सकता है।
बुधादित्य और शुक्रादित्य राजयोग वैदिक ज्योतिष में शुभ माने जाते हैं। ये ग्रहों की विशेष युति से बनते हैं और बुद्धि, धन, करियर तथा आकर्षण में परिवर्तन ला सकते हैं। इनसे आकर्षक व्यक्तित्व, भौतिक सुख, कला और लग्जरी जीवन की ओर झुकाव मिलता है।