यू19 एशिया कप फाइनल में भारत बनाम पाकिस्तान मैच के दौरान 15 वर्षीय प्रॉडिजी वैभव सूर्यवंशी के एक इशारे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि युवा खिलाड़ी पर नैतिक पुलिसिंग चैंपियंस नहीं बनाएगी, बल्कि धैर्य की जरूरत है। सूर्यवंशी की गलती मानवीय थी, लेकिन हमारी प्रतिक्रिया नहीं।
यू19 एशिया कप फाइनल में भारत और पाकिस्तान के बीच रोमांचक मुकाबले के दौरान 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी पर सोशल मीडिया और प्रशंसकों की आलोचना का दौर चला। सूर्यवंशी, जो एक आईपीएल सेंचुरी ठोक चुके किशोर प्रॉडिजी हैं, ने मैच में एक इशारा किया जिसे लेकर विवाद पैदा हो गया। इंडिया टुडे के एक लेख में कहा गया है, 'लीव वैभव सूर्यवंशी अलोन। मोरल पुलिसिंग ए 15-ईयर-ओल्ड हेल्प्स नो वन।' लेखक का मानना है कि युवा भारतीय क्रिकेटरों पर दबाव और अपेक्षाएं उन्हें तोड़ सकती हैं। कीवर्ड्स से पता चलता है कि यह नैतिक पुलिसिंग बहस का हिस्सा है, जहां प्रशंसक युवा खिलाड़ियों की आलोचना कर रहे हैं। सूर्यवंशी की उम्र और उपलब्धियां उन्हें विशेष बनाती हैं, लेकिन गलतियां मानवीय हैं। लेख धैर्य की वकालत करता है ताकि ऐसे टैलेंट को विकसित होने का मौका मिले। यह घटना भारतीय क्रिकेट में युवाओं पर बढ़ते दबाव को उजागर करती है।