भारतीय क्रिकेटर प्रिथ्वी शॉ ने मुंबई की एक स्थानीय अदालत को बताया कि प्रभावशाली महिला स्वप्ना गिल के उत्पीड़न के आरोप झूठे और फривोलस हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गिल ने महत्वपूर्ण तथ्यों को दबाया, झूठी घटनाओं को चित्रित किया और अपनी छवि खराब करने के लिए अस्वीकार्य, अप्रासंगिक तथा गढ़े हुए सामग्री पर भरोसा किया।
मुंबई की एक स्थानीय अदालत में क्रिकेटर प्रिथ्वी शॉ ने प्रभावशाली महिला स्वप्ना गिल द्वारा लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। शॉ ने अदालत को बताया कि ये दावे झूठे और फривोलस हैं, तथा गिल ने अपनी छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया है। उन्होंने यह भी कहा कि गिल ने झूठी घटनाओं को प्रस्तुत किया और अस्वीकार्य, अप्रासंगिक तथा गढ़ी हुई सामग्री पर निर्भरता की है।
यह मामला 17 दिसंबर 2025 को सामने आया, जब शॉ ने अदालत में अपनी सफाई पेश की। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, शॉ ने गिल के दावों को अपनी प्रतिष्ठा पर हमला बताया। कोई अतिरिक्त विवरण या समयरेखा उपलब्ध नहीं है, लेकिन शॉ की प्रतिक्रिया स्पष्ट रूप से आरोपों को अस्वीकार करने वाली है।
यह घटना क्रिकेटर की सार्वजनिक छवि और सोशल मीडिया प्रभावशाली व्यक्तियों के बीच कानूनी विवादों को उजागर करती है, हालांकि कोई और पृष्ठभूमि या परिणाम स्रोतों में नहीं दिए गए हैं।