उन्नाव बलात्कार मामले के दोषी कुलदीप सिंह सेंगर की बेटी इशिता सेंगर ने एक्स पर एक खुला पत्र जारी किया, जिसमें आठ वर्षों से परिवार को हो रहे दुरुपयोग और धमकियों का वर्णन किया गया है और निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया की मांग की गई है। बलात्कार पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कहा कि वह कुलदीप को फांसी तक लड़ाई जारी रखेंगी। हाईकोर्ट के स्टे ऑर्डर के बाद दोनों पक्षों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं।
उन्नाव बलात्कार मामले में पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की बेटी इशिता सेंगर ने 30 दिसंबर 2025 को एक्स पर एक खुला पत्र पोस्ट किया। पत्र में उन्होंने परिवार को आठ वर्षों से हो रहे लगातार दुरुपयोग और धमकियों का जिक्र किया। इशिता ने निष्पक्ष और दबाव-मुक्त कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से न्याय की अपील की, जिसमें सच्चाई और सबूतों पर आधारित निर्णय पर जोर दिया।
इस पत्र को अदालत के एक हालिया झटके के बाद जारी किया गया, जहां हाईकोर्ट ने एक स्टे ऑर्डर दिया। दूसरी ओर, बलात्कार पीड़िता ने कहा, “मैंने सुप्रीम कोर्ट से न्याय प्राप्त किया है। मैं तब तक आराम नहीं करूंगी जब तक वह फांसी पर न चढ़ जाए। मैं लड़ाई जारी रखूंगी।” पीड़िता ने अपनी लड़ाई को और मजबूत करने का संकल्प जताया।
उन्नाव मामला 2017 से जुड़ा है, जब सेंगर पर नाबालिग पीड़िता के बलात्कार का आरोप लगा। सुप्रीम कोर्ट ने सेंगर को दोषी ठहराया था, लेकिन हाल के विकास में हाईकोर्ट का स्टे ऑर्डर आया। इशिता के पत्र में सार्वजनिक राय और ऑनलाइन दुरुपयोग का उल्लेख है, जो परिवार को प्रभावित कर रहा है। दोनों पक्ष न्याय की मांग कर रहे हैं, लेकिन दृष्टिकोण भिन्न हैं। यह घटना भारतीय न्याय व्यवस्था में संवेदनशील मामलों की जटिलताओं को उजागर करती है।