भारतीय क्रिकेटर दीप्ति शर्मा ने 2025 विश्व कप में जीत के बाद प्रेमानंद महाराज के आश्रम का दौरा किया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। महाराज और दीप्ति के बीच अभ्यास और समर्पण की महत्वपूर्णता पर चर्चा हुई। महाराज ने खेल जीत को राष्ट्र की खुशी का प्रतीक बताया।
2025 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर विश्व कप अपने नाम किया। इस सफलता के बाद विश्व कप चैंपियन दीप्ति शर्मा शुक्रवार को प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचीं। वहां उन्होंने महाराज के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया।
महाराज के शिष्य नवल नागरी ने दीप्ति का परिचय देते हुए भारत की विश्व चैंपियनशिप जीत का जिक्र किया। महाराज ने इस पर खुशी जताई और इसे देश के लिए गौरवपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, "कहने को तो एकमात्र खेल है लेकिन इससे पूरे अपने भारत को सुख मिलता है। जैसे जब भारतीय खिलाड़ी कोई मैच जीतते हैं, तो जीत सिर्फ उनकी नहीं होती, बल्कि हम सभी भारतवासी ऐसा महसूस करते हैं कि हम जीत गए। जब भारत जीतता है, तो पूरा देश, पूरा नगर और हर व्यक्ति प्रसन्न हो जाता है। लोगों के चेहरों पर खुशी लाना भी एक बहुत बड़ा परोपकार है। इसलिए हमें हमेशा अच्छा अभ्यास करना चाहिए, पूरी मेहनत से प्रयास करना चाहिए और विजय प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।"
बातचीत में महाराज ने अभ्यास पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "भगवान का चिंतन करना चाहिए और निरंतर अभ्यास करना चाहिए। क्योंकि अभ्यास से ही सफलता मिलती है। यदि हम रोज अभ्यास करें, तो एक दिन अवश्य प्रवीण खिलाड़ी बन सकते हैं। अक्सर देखा जाता है कि जब कोई खिलाड़ी जीत हासिल कर लेता है, तो वह अभ्यास में ढील दे देता है और मनोरंजन में उलझ जाता है, जिससे आगे उसकी उन्नति रुक जाती है। इसलिए जीत मिलने के बाद और भी अधिक सावधान रहना चाहिए, नियमित अभ्यास करते रहना चाहिए और अपनी प्रवीणता को निरंतर बढ़ाना चाहिए। इसी तरह हम आगे बढ़ते चले जाते हैं।"
यह मुलाकात खेल और आध्यात्मिकता के संगम को दर्शाती है, जहां सफलता को समर्पण से जोड़ा गया।