दिल्ली पुलिस ने रविवार को नकली जीवनरक्षक शेड्यूल एच दवाओं के निर्माण, भंडारण और वितरण में लगे अंतरराज्यीय नेटवर्क के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया। छापे में 1.2 लाख से अधिक नकली गोलियां और कैप्सूल जब्त किए गए, साथ ही ₹50 करोड़ के फर्जी जीएसटी बिलिंग नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ। अपराध शाखा के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई शाहदरा के बिहारी कॉलोनी में 11 मार्च को हुई छापेमारी के बाद की गई।
दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने शाहदरा के बिहारी कॉलोनी में 11 मार्च को छापा मारा, जिसके बाद रविवार को छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। अपराध शाखा के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम) आदित्य गौतम ने बताया, "छापे के दौरान भगिरथी पैलेस में बाबा श्याम मेडिकोज नामक थोक मेडिकल दुकान चला रहे निखिल अरोड़ा उर्फ सनी को गिरफ्तार किया गया। जब्त दवाओं में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, संक्रमण, लीवर विकार और सूजन के लिए सामान्य रूप से निर्धारित दवाएं शामिल हैं, जो नकली होने पर गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम पैदा करती हैं।"
जांच में पाया गया कि आरोपी फर्जी जीएसटी फर्मों का इस्तेमाल करके नकली इनवॉइस जारी करते थे। डीसीपी गौतम ने कहा, "ये इकाइयां केवल कागजों पर मौजूद थीं और वास्तविक व्यापारिक गतिविधियों को छिपाने, कर और नियामक जांच से बचने के लिए बनाई गईं।" शाहरुख और राहुल ने टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए जीएसटी रैकेट चलाया, जिसमें कम से कम ₹50 करोड़ के फर्जी इनवॉइस शामिल थे।
अन्य गिरफ्तार सदस्य शिवम त्यागी, मयंक अग्रवाल और मोहित शर्मा आपूर्तिकर्ता थे। मोहित शर्मा के खुलासे पर मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश में 1,000 वर्ग गज के अवैध फार्मास्युटिकल यूनिट पर छापा मारा गया, जो मोहम्मद अकदास सिद्दीकी द्वारा संचालित था जो फरार है।
पुलिस ने सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336, 340, 275, 61(2), ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट तथा ट्रेड मार्क्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। दवा निर्माताओं और नियामकों ने जब्त दवाओं को नकली पुष्टि की है।