जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में नौगाम पुलिस स्टेशन में 14 नवंबर 2025 को रात करीब 11:20 बजे एक जोरदार विस्फोट हुआ, जिसमें कम से कम आठ लोग घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, यह विस्फोट हाल ही में जब्त अमोनियम नाइट्रेट जैसे विस्फोटकों की जांच के दौरान हुआ। आग लगने से कई वाहन जल गए और धमाके का असर पूरे इलाके में महसूस किया गया।
विस्फोट की घटना 14 नवंबर 2025 की रात को हुई, जब जम्मू-कश्मीर पुलिस और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की संयुक्त टीम फरीदाबाद, हरियाणा में हाल ही में छापेमारी के दौरान जब्त विस्फोटकों की जांच कर रही थी। अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी में लगभग 2,900 किलोग्राम आईईडी बनाने वाले सामग्री, जिसमें अमोनियम नाइट्रेट शामिल है, बरामद की गई थी। यह सामग्री जांच के लिए पुलिस स्टेशन में रखी गई थी।
घायलों में से तीन की हालत गंभीर बताई गई है, और ज्यादातर को जलन के घाव हुए हैं। उन्हें श्रीनगर के नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। एक रिपोर्ट के अनुसार, सात लोगों की मौत और 30 घायल होने की बात कही गई है, जबकि आधिकारिक बयान में केवल आठ घायलों का उल्लेख है। विस्फोट के बाद स्टेशन में आग लग गई, जिससे कई पार्किंग में खड़ी गाड़ियां जल गईं। प्रत्यक्षदर्शियों ने धुएं और आग की लपटों को आसमान में उठते देखा।
पृष्ठभूमि में, पुलिस ने अक्टूबर 19 को नौगाम क्षेत्र में जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर देखे थे, जिसके बाद सात स्थानीय लोगों को गिरफ्तार किया गया। जांच में 1 नवंबर को डॉ. अदील अहमद राथर और एक अन्य डॉक्टर डॉ. मुजामिल अहमद गनाई उर्फ मुसाइब को पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, ये डॉक्टर एक अंतरराज्यीय आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा थे, जो फंडरेजिंग, लॉजिस्टिक्स और हथियार व बम बनाने वाली सामग्री की खरीद में शामिल थे। विस्फोट का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन आतंकी लिंक की जांच चल रही है।