सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्रियों संग्रहालय और पुस्तकालय (पीएमएमएल) से जवाहरलाल नेहरू से संबंधित कोई दस्तावेज़ गायब नहीं हैं। यह इस साल की शुरुआत में पीएमएमएल नेतृत्व के कुछ वर्गों द्वारा लिए गए रुख से स्पष्ट बदलाव दर्शाता है।
भारत सरकार ने हाल ही में प्रधानमंत्रियों संग्रहालय और पुस्तकालय (पीएमएमएल) में जवाहरलाल नेहरू, भारत के पहले प्रधानमंत्री, से जुड़े दस्तावेज़ों की स्थिति पर बयान जारी किया। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, पीएमएमएल से कोई नेहरू दस्तावेज़ गायब नहीं पाया गया। यह घोषणा 16 दिसंबर 2025 को की गई, जो इस वर्ष की शुरुआत में पीएमएमएल नेतृत्व के कुछ सदस्यों द्वारा व्यक्त की गई चिंताओं से भिन्न है।
पीएमएमएल, जो भारत के प्रधानमंत्रियों के योगदान को संरक्षित करने के लिए स्थापित है, नेहरू के कार्यकाल से संबंधित महत्वपूर्ण सामग्री रखता है। पहले की रिपोर्टों में दस्तावेज़ों के गायब होने की आशंकाएं व्यक्त की गई थीं, लेकिन अब सरकार ने इनका खंडन किया है। यह विकास ऐतिहासिक अभिलेखों की अखंडता पर बहस को फिर से उजागर करता है, जहां संतुलित दृष्टिकोण आवश्यक है।
इस बयान से पीएमएमएल के प्रबंधन और सरकारी निगरानी के बीच समन्वय की पुष्टि होती है, जो सार्वजनिक विश्वास को मजबूत करने का प्रयास है।