केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि मतदाता सूचियों के संशोधन के प्रावधान डॉ. बी.आर. अंबेडकर द्वारा बनाए गए ढांचे पर आधारित हैं। उन्होंने SIR को संवैधानिक रूप से वैध बताया। यह बयान चुनाव आयोग की प्रक्रियाओं से जुड़ा है।
अर्जुन राम मेघवाल, जो केंद्रीय कानून मंत्री हैं, ने हाल ही में मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) को संवैधानिक रूप से वैध घोषित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि चुनावी सूचियों को संशोधित करने के प्रावधान डॉ. बी.आर. अंबेडकर द्वारा तैयार किए गए संवैधानिक ढांचे पर आधारित हैं। यह बयान भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने के संदर्भ में आया है।
मेघवाल का यह कथन चुनाव आयोग ऑफ इंडिया की सुधार पहलों से जुड़ा हुआ है, जो मतदाता सूचियों की सटीकता सुनिश्चित करने पर केंद्रित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये प्रावधान संविधान के अनुरूप हैं और लोकतंत्र की नींव को मजबूत करते हैं। कोई विरोधाभासी जानकारी उपलब्ध नहीं है, और यह बयान हाल के चुनावी सुधारों के बीच महत्वपूर्ण है।
यह विकास भारतीय चुनाव प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने की दिशा में एक कदम है, जैसा कि आयोग द्वारा अपनाई गई नीतियों से संकेत मिलता है।