भाजपा सांसद और अभिनेत्री हेमा मालिनी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल में व्याप्त 'सांस्कृतिक फासीवाद' की शिकायत की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सांस्कृतिक आयोजनों के लिए अनुमति देने से इनकार कर रही है, जिससे कलाकारों की आजीविका प्रभावित हो रही है। यह पत्र विधानसभा चुनावों से पहले आया है।
मथुरा से भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने एक्स पर पोस्ट किया, "मैंने माननीय स्पीकर को पत्र लिखा है, जिसमें पश्चिम बंगाल में सांस्कृतिक फासीवाद और इससे सांस्कृतिक जगत के कई लोगों पर प्रतिकूल प्रभाव को उजागर किया गया है।"
उन्होंने कहा, "यह सुरक्षा जोखिम दोनों है और आजीविकाओं पर नकारात्मक प्रभाव।" पत्र में उन्होंने अपने और सह-कलाकारों के साथ हुए अनुभव साझा किए, जहां राज्य सरकार ने राजनीतिक कार्यक्रमों का हवाला देकर विशिष्ट स्थानों पर प्रदर्शन की अनुमति अस्वीकार कर दी।
पत्र के अनुसार, "दुखद बात यह है कि ये अलग-थलग घटनाएं नहीं हैं। वर्षों से पश्चिम बंगाल में एक सुसंगत पैटर्न रहा है-- सांस्कृतिक आयोजनों के लिए अनुमतियां या तो देरी से मिलती हैं या अंतिम समय पर अस्वीकार कर दी जाती हैं, जिससे कलाकारों और आयोजकों के लिए अनिश्चितता और व्यवधान पैदा होता है।"
हेमा मालिनी ने कहा, "यदि मैं, पांच बार की सांसद के रूप में, ऐसी परिस्थितियों में असुरक्षा और लाचारी महसूस करती हूं, तो असंख्य अन्य कलाकारों की स्थिति की कल्पना की जा सकती है।" उन्होंने इस वातावरण को "दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य" बताते हुए सांस्कृतिक स्थानों को राजनीतिक विचारों से मुक्त रखने की अपील की।