पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग और भाजपा पर राज्य पर कब्जा करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने 50 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तांतरण को मनमाना बताया। उन्होंने इसे राजनीतिक हस्तक्षेप करार दिया।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को सोशल मीडिया पोस्ट में चुनाव आयोग (ईसी) और भाजपा पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने विधानसभा चुनाव की घोषणा के 24 घंटे के अंदर मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, गृह सचिव और कोलकाता पुलिस आयुक्त सहित कई अधिकारियों के हस्तांतरण को 'राज्य पर कब्जा करने की साजिश' बताया। बनर्जी ने कहा, 'यह किसी आपातकाल से कम नहीं है और राष्ट्रपति शासन का एक अनघोषित रूप है।' उन्होंने ईसी पर राज्य को निशाना बनाने का आरोप लगाया। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में 63 लाख से अधिक मतदाताओं की डिलीशन और 60 लाख से अधिक को जांचाधीन रखे जाने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पूरक मतदाता सूची अभी प्रकाशित नहीं हुई है। बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर हस्तांतरणों को बिना कारण बताए मनमाना बताया। उन्होंने कहा कि मार्च-अप्रैल में तूफानों के मौसम में वरिष्ठ अधिकारियों की कमी से आपदा प्रबंधन प्रभावित हो सकता है। बुधवार को ईसी ने 13 जिला मजिस्ट्रेट और 5 डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल के हस्तांतरण आदेश दिए। बनर्जी ने बंगाल के अधिकारियों के साथ एकजुटता जताई और कहा कि राज्य धमकियों से नहीं झुकेगा।