पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के स्ट्रॉन्ग रूम में पोस्टल बैलट छेड़छाड़ के टीएमसी के आरोपों पर चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खारिज कर दिया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता के स्ट्रॉन्ग रूम का दौरा किया और गड़बड़ी की आशंका जताई। वोटिंग काउंटिंग 4 मई को होनी है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच कोलकाता में स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर विवाद बढ़ गया है। तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पोस्टल बैलेट के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया। टीएमसी ने दावा किया कि बीजेपी समर्थक नेताजी इंडोर स्टेडियम के स्ट्रॉन्ग रूम में सीलबंद बैलेट बॉक्स खोलने की कोशिश कर रहे थे, जबकि उनकी पार्टी का कोई सदस्य मौजूद नहीं था।
मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, "स्ट्रॉन्ग रूम ठीक से सील किए गए हैं और कोई भी उन कमरों में प्रवेश नहीं कर सकता।" उत्तर कोलकाता की डीओ स्मिता पांडे ने स्पष्ट किया, "बैलेट कॉरिडोर का निरीक्षण किया जा रहा था। बैलेट्स की छंटनी की जा रही थी, हमारी प्रक्रियाएं पारदर्शी हैं। सभी EVM सुरक्षित हैं।"
ममता बनर्जी सखावत मेमोरियल स्कूल और भवानीपुर के स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचीं। बाहर निकलकर उन्होंने कहा, “मैं यहां इसलिए आई हूं क्योंकि यहां ईवीएम के लिए स्ट्रॉन्ग रूम है। हमें कई जगहों पर गड़बड़ी मिली है।” उन्होंने केंद्रीय बलों द्वारा रोके जाने का भी जिक्र किया और कहा कि चुनाव नियमों के अनुसार उम्मीदवारों को सीलबंद कक्ष के बाहर जाने की अनुमति है।
स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर टीएमसी और बीजेपी समर्थकों के बीच टकराव हुआ। ममता बनर्जी मौके पर मौजूद रहीं, जबकि बीजेपी समर्थकों ने एक संदिग्ध गाड़ी को रोका। आयोग ने चुनाव बाद हिंसा पर जीरो टॉलरेंस का निर्देश दिया है। काउंटिंग 4 मई को निर्धारित है।