पश्चिम बंगाल में आज पहले चरण के विधानसभा चुनाव के लिए 152 सीटों पर मतदान हो रहा है, जहां 3.6 करोड़ मतदाता 1,452 से 1,478 उम्मीदवारों की किस्मत तय करेंगे। भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर है, जिसमें उत्तर बंगाल भाजपा का मजबूत क्षेत्र माना जाता है। निर्वाचन आयोग ने अभूतपूर्व सुरक्षा बल तैनात किए हैं।
पश्चिम बंगाल के 16 जिलों में फैली 152 विधानसभा सीटों पर गुरुवार को सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ। पहले चरण में आठ जिले उत्तर बंगाल के और आठ दक्षिण बंगाल के हैं। 2021 चुनाव में भाजपा ने इनमें से 59 सीटें जीतीं थीं, जबकि टीएमसी को 92-93 मिली थीं।
यह चरण दोनों पार्टियों के लिए निर्णायक है। भाजपा के लिए उत्तर बंगाल में बढ़त बनाए रखना जरूरी है, जहां अमित शाह ने पूरी ताकत झोंकी है। टीएमसी ममता बनर्जी के नेतृत्व में चौथी बार सत्ता में लौटने की कोशिश कर रही है। मुर्शिदाबाद, मालदा और उत्तर दिनाजपुर जैसे मुस्लिम बहुल जिलों में हिंदू वोट ध्रुवीकरण पर भाजपा जोर दे रही है।
चुनावी हिंसा का इतिहास चिंता बढ़ा रहा है। 2021 में 17 मौतें हुईं, 2023 पंचायत चुनाव में 45। निर्वाचन आयोग ने 2,450 कंपनियां केंद्रीय बल (लगभग 2.5 लाख जवान) तैनात की हैं। शराब पर 96 घंटे की पाबंदी, बाइक पर रात में रोक लगाई गई है।
खड़गपुर सदर जैसे क्षेत्रों में दिलीप घोष (भाजपा) बनाम प्रदीप सरकार (टीएमसी) की टक्कर है। मतदाता रोजगार, सुविधाओं की शिकायत कर रहे हैं। दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को, गिनती 4 मई को होगी।