पश्चिम मेदिनीपुर जिले के केशियारी में रैली को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा के यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने के वादे की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह लोगों के धर्म और आस्था का अभ्यास करने के अधिकार को छीन लेगा। उन्होंने सीमांकन विधेयक का भी विरोध किया।
ममता बनर्जी ने शनिवार को पश्चिम मेदिनीपुर के केशियारी में आयोजित रैली में भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "उनका (भाजपा का) घोषणापत्र झूठों से भरा है। यूसीसी लागू करने का मतलब है कि आप अपना धर्म और आस्था का अभ्यास करने का अधिकार खो देंगे। यह आपकी संस्कृति, परंपरा और शिक्षा छीन लेगा। यूसीसी विविधता का विनाश है। वे सब कुछ एकसमान बनाना चाहते हैं। हम इसका विरोध करेंगे। यूसीसी खतरनाक है।"
बनर्जी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा पारित सीमांकन विधेयक का भी विरोध किया, जो संसद में पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा, "सीमांकन विधेयक लाया जाएगा। चुनाव के समय में इतनी जल्दी क्यों? वे बंगाल को टुकड़ों में तोड़ने की योजना बना रहे हैं। फिर भविष्य में एनआरसी लाएंगे। यदि आप डिटेंशन कैंपों में नहीं जाना चाहते और खाद्य साथी, लक्ष्मीर भंडार, कन्याश्री जैसी हमारी सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ लेते रहना चाहते हैं, तो टीएमसी के पक्ष में वोट दें। 294 सीटों पर मुझे ही उम्मीदवार मानें।"
उन्होंने भाजपा शासित राज्यों में मांस, मछली और अंडे खाने पर प्रतिबंध का आरोप लगाया। बनर्जी ने कहा कि भाजपा द्वारा मतदाता नाम हटाए जा रहे हैं- 90 लाख में से 60 लाख हिंदू और 30 लाख मुस्लिम। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा बैंक विवरण मांगने की चेतावनी दी और ईवीएम तथा मतगणना पर सतर्क रहने को कहा।
बनर्जी ने लक्ष्मीर भंडार योजना का जिक्र किया, जहां सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये और एससी-एसटी महिलाओं को 1700 रुपये मिलते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सभी प्रतिज्ञाएं पूरी की गई हैं।