सरकार ने पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल 2026 को युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए विजनरी कदम बताया। विपक्ष ने इसे कॉस्मेटिक एक्सरसाइज करार दिया।
मंगलवार को लोकसभा में बिल पर बहस हुई। बीजेपी सांसद बंसूरी स्वराज ने कहा कि संशोधन से परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी। आम अपराधी पर 50 लाख रुपये जुर्माना और पांच से 10 साल की सजा का प्रावधान होगा।
कांग्रेस के गौरव गोगोई ने 2024 कानून को दो साल में संशोधित करने पर सवाल उठाए। उन्होंने संरचनात्मक सुधारों की जरूरत बताई और छात्र प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई की निंदा की।
समाजवादी पार्टी की डिंपल यादव ने छात्रों के आत्महत्या के मामलों का जिक्र किया। बीजेपी के अनुराग ठाकुर ने विपक्ष पर आरोप लगाए।