इंडिया टुडे-सी वोटर के मूड ऑफ द नेशन सर्वे में 45 प्रतिशत लोगों ने अमेरिकी टैरिफ के जवाब में रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने की मांग की है। सर्वे 8 दिसंबर 2025 से 21 जनवरी 2026 तक 36,265 लोगों पर किया गया। भारत ने अब तक इस मुद्दे को संयम से संभाला है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ ने वैश्विक व्यापार में हलचल मचा दी है। यह कदम भारत के रूस से सस्ते कच्चे तेल की खरीद से नाराजगी का परिणाम है। इंडिया टुडे-सी वोटर के 'मूड ऑफ द नेशन' (MOTN) सर्वे के अनुसार, 45 प्रतिशत भारतीयों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार से अमेरिकी टैरिफ के जवाब में समान टैरिफ लगाने का अनुरोध किया है।
सर्वे में 34 प्रतिशत लोगों ने जीएसटी दरों में कटौती की सिफारिश की, जबकि केवल 6 प्रतिशत ने ट्रंप की मांगों को स्वीकार करने की बात कही। भारत ने इस मुद्दे को परिपक्वता से संभाला है, भले ही अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौता लंबित हो। सरकार ने ब्रिटेन, ओमान, न्यूजीलैंड और यूरोपीय संघ के साथ नए व्यापार समझौते किए हैं, जो कपड़ा, रत्न-आभूषण और जूते जैसे क्षेत्रों के लिए राहत प्रदान करते हैं।
पिछले साल नवंबर में, भारत ने अमेरिका से आयातित दालों पर 30 प्रतिशत टैरिफ लगाया, जिसका असर पड़ा। कॉमर्स मिनिस्ट्री के आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2025 में अमेरिका को भारत का निर्यात 1.83 प्रतिशत घटकर 6.88 अरब डॉलर रह गया। पीएम मोदी ने अब तक इस पर कोई प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन निर्यात विविधीकरण पर जोर दिया गया है।
सर्वे हर आयु वर्ग, जाति, धर्म और लिंग के प्रतिनिधियों को शामिल करता है, जो जनभावना को प्रतिबिंबित करता है।