पंजाब सरकार ने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की Z+ श्रेणी की सुरक्षा हटा ली है, जबकि केंद्र ने दिल्ली पुलिस को उन्हें Z श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया है। यह बदलाव चड्ढा को पार्टी के राज्यसभा उप-नेता पद से हटाए जाने के कुछ दिनों बाद हुआ है। AAP ने इसे बीजेपी से जुड़ने की अटकलों से जोड़ा है।
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को हाल ही में पार्टी ने उप-नेता पद से हटा दिया था और उनकी जगह अशोक मित्तल को नियुक्त किया। सूत्रों के अनुसार, पंजाब सरकार ने उनकी Z+ सुरक्षा दो दिन बाद हटा ली, जिसमें पहले 41 सुरक्षाकर्मी थे। 2024 लोकसभा चुनावों और 2025 पंजाब क्रिकेट संघ चुनावों के दौरान पार्टी से मतभेदों के बाद उनकी सुरक्षा पहले ही घटाकर 21 कर दी गई थी। अब केवल 5 कर्मी बचे हैं, जो पंजाब से राज्यसभा सांसद के लिए अनिवार्य है।
केंद्र सरकार ने इंटेलिजेंस ब्यूरो की सिफारिश पर चड्ढा को Z श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करने का फैसला किया। दिल्ली पुलिस को अस्थायी सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया है। AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुरग ढांडा ने कहा, "केंद्र द्वारा चड्ढा को Z श्रेणी सुरक्षा देना संयोग नहीं, बल्कि सुनियोजित कदम है।" पार्टी प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने दावा किया कि चड्ढा बीजेपी नेताओं से मिले हैं और संपर्क में हैं।
चड्ढा ने एक वीडियो में पार्टी नेताओं पर उन्हें किनारे करने का आरोप लगाया। वहीं, मुख्यमंत्री भगवंत मान, आतिशी और संजय सिंह ने उन पर संसद में कम सक्रियता और पीआर पर जोर देने के आरोप लगाए। बीजेपी नेता वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि नेताओं का उपयोग कर किनारे करना AAP की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है। चड्ढा या बीजेपी की ओर से इन अटकलों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।