आम आदमी पार्टी (आप) के सात राज्यसभा सांसदों ने भाजपा का दामन थाम लिया है। संसद के रिकॉर्ड के अनुसार, इनमें स्वाति मालीवाल सबसे अधिक उपस्थिति वाली रहीं, जबकि हरभजन सिंह सबसे कम। राघव चड्ढा ने शुक्रवार को पार्टी में बगावत भड़काई थी।
राज्यसभा सचिवालय के रिकॉर्ड के अनुसार, आप के इन सात सांसदों में स्वाति मालीवाल ने जनवरी 2024 में सदस्यता ग्रहण करने के बाद 94.87 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की। उन्होंने 105 सवाल पूछे, पांच विधेयक पेश किए, दो समितियों में सेवा दी और 17 बहसों में भाग लिया।
अशोक कुमार मित्तल (मई 2022 से 84.96%) ने 361 सवाल पूछे और 341 बहसों में हिस्सा लिया। राघव चड्ढा (मई 2022 से 82.87%) ने 350 सवाल, नौ विधेयक, तीन समितियां और 332 बहसें कीं। संदीप पाठक की उपस्थिति 78.95% रही।
वहीं, राजिंदर गुप्ता (अक्टूबर 2025 से 56%) ने कोई बहस नहीं की। विक्रमजीत सिंह साहनी (जुलाई 2022 से 56.49%) और हरभजन सिंह (अप्रैल-मई 2022 से 25.95%, 131 में से 34 बैठकें) सबसे कम उपस्थित रहे। हरभजन ने 172 सवाल पूछे।
ये सांसद अलग-अलग समय से सदन में हैं, इसलिए तुलना अनुमानित है। 2022-2024 की सत्रों में औसत उपस्थिति 159 से 197 के बीच रही।