लोकसभा में गुरुवार को महिला आरक्षण से जुड़े तीन विधेयकों पर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया, इसे संघीय ढांचे पर हमला बताया। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विधेयक पेश किए, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने दक्षिणी राज्यों के लिए सीटों में वृद्धि का आश्वासन दिया। 2023 के महिला आरक्षण कानून को भी 16 अप्रैल से लागू कर दिया गया।
लोकसभा में गुरुवार को संविधान (131वें संशोधन) विधेयक, 2026, परिसीमन विधेयक, 2026 और संघ राज्य क्षेत्र कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किए गए। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इन विधेयकों को नियम 72 के तहत पेश किया, जिसका विपक्ष ने विरोध किया।
कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने इसे 'भारतीय संघीय ढांचे पर पूर्ण हमला' बताया और विधेयकों को वापस लेने की मांग की। डीएमके सांसद काले कपड़ों में पहुंचे, जिस पर पीएम मोदी ने 'काला टीका' की परंपरा का जिक्र कर कहा, 'आपका धन्यवाद काला टीका लगाने के लिए।' अमित शाह और किरेन रिजिजू ने विपक्ष के तकनीकी विरोध पर पलटवार किया।
विधेयकों के पेशी पर मतदान हुआ, जिसमें 251 ने पक्ष और 185 ने विपक्ष में वोट दिया। मेघवाल ने नियम 66 के प्रावधान को निलंबित करने का प्रस्ताव भी पारित कराया। प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि मौजूदा 543 सीटों से 33% आरक्षण क्यों नहीं, और 2011 जनगणना आधारित 850 सीटें बढ़ाना राजनीति की बू देता है।
इधर, कानून मंत्रालय ने 2023 के संविधान (106वें संशोधन) अधिनियम को 16 अप्रैल 2026 से लागू घोषित किया। एनडीए के पास विशेष बहुमत के लिए संख्याबल की कमी है, जिससे सरकार विकल्प तलाश रही है। शाह ने कहा कि परिसीमन दक्षिण के हिस्से को कम नहीं करेगा। मेघवाल ने अपनी कविता 'हमारी आन है नारी, हमारी शान है नारी' सुनाई, जिस पर सदन में तालियां गूंजीं।