कांग्रेस ने महिला आरक्षण कानून का समर्थन किया है लेकिन नई जनगणना के बिना परिसीमन का विरोध किया। पार्टी 15 अप्रैल को इंडिया गठबंधन के नेताओं की बैठक बुलाएगी। सरकार को 29 अप्रैल के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाने की सलाह दी गई।
शुक्रवार को अपनी कार्यसमिति की बैठक में कांग्रेस ने महिला आरक्षण कानून के संशोधन पर रणनीति तय की। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि केंद्र का प्रस्तावित परिसीमन व्यायाम के 'गंभीर परिणाम' होंगे। उन्होंने मोदी सरकार पर संसद सत्र 16 अप्रैल से बुलाने को राजनीतिक लाभ के लिए 'मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन' बताया।
जयराम रमेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मुद्दा महिला आरक्षण नहीं बल्कि परिसीमन है, जिसकी कोई ठोस जानकारी नहीं मिली। उन्होंने तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल चुनावों को प्रभावित करने का आरोप लगाया। खड़गे 15 अप्रैल को विपक्षी नेताओं की बैठक बुलाएंगे, जो संसदीय सत्र से ठीक पहले होगी।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम और परिसीमन विधेयक के संशोधनों को मंजूरी दी, जो 2011 जनगणना के आधार पर लोकसभा और विधानसभाओं में 33% महिला आरक्षण को तेजी से लागू करेगा। कांग्रेस ने कहा कि कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं मिला, केवल प्रधानमंत्री के लेख से जानकारी हुई।
बैठक में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल समेत प्रमुख नेता शामिल हुए। पार्टी ने विदेश नीति की विफलता से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।