लोकसभा में 131वें संविधान संशोधन बिल पर वोटिंग में 298 पक्ष में और 230 विपक्ष में वोट पड़े, जबकि दो-तिहाई बहुमत के लिए 352 वोटों की जरूरत थी। विपक्ष नेता राहुल गांधी ने बिल को महिलाओं के लिए शर्मनाक बताया, तो गृह मंत्री अमित शाह ने उनकी भाषा पर तीखा प्रहार किया। बीजेपी ने बिल गिरने के बाद राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है।
लोकसभा में शुक्रवार को महिला आरक्षण से जुड़े 131वें संविधान संशोधन बिल पर वोटिंग हुई। कुल 528 सदस्यों ने वोट डाले, जिसमें 298 पक्ष में और 230 विपक्ष में पड़े। दो-तिहाई बहुमत के लिए 352 वोट चाहिए थे, लेकिन बिल 54 वोटों से असफल रहा।
विपक्ष नेता राहुल गांधी ने बहस में बिल को 'शेमफुल कानून' बताया। उन्होंने कहा, 'यह महिला आरक्षण बिल महिलाओं को सशक्त नहीं बनाएगा। यह सिर्फ निर्वाचन क्षेत्रों के नक्शे बदलने के लिए है। यह ओबीसी, दलित वर्गों के लिए क्रूरता वाला बिल है। केंद्र ओबीसी वर्गों से अधिकार छीनना चाहती है।'
इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, 'यह आपकी जिम्मेदारी है कि इस सदन की गरिमा बनाए रखें। जिस तरह की भाषा का आपने इस्तेमाल किया - आप कायर हो, आत्मसमर्पण कर रहे हो, मुझसे डरते हो - वह सदन की गरिमा को नुकसान पहुंचाएगा। बोलने की कला प्रियंका गांधी या सीनियर्स से सीखिए।'
बिल गिरने के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'भारत ने देख लिया, INDIA ने रोक दिया।' बीजेपी महिला सांसदों ने मकर द्वार पर प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश महिला आयोग उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने लखनऊ में सपा-कांग्रेस के झंडे जलाए। पार्टी ने 18 अप्रैल से राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है।