23 मार्च 2026 को लोकसभा में पश्चिम एशिया संघर्ष पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले बयान के दौरान विपक्ष ने असामान्य संयम बरता। प्रियंका गांधी वाड्रा ने विपक्ष की प्रतिक्रिया का संचालन किया, जिससे कोई हंगामा नहीं हुआ।
नई दिल्ली, 23 मार्च 2026। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के 24वें दिन तथा भारत में एलपीजी संकट के बीच लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी का पश्चिम एशिया पर पहला बयान दोपहर 2 बजे निर्धारित था। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने एलपीजी मुद्दे पर नोटिस दिया था, लेकिन विपक्ष ने शांतिपूर्वक सुनने का फैसला किया। reporter ने 1:50 बजे प्रेस गैलरी पहुंची, जहां गैलरी अपेक्षाकृत खाली थी। पीएम 1:56 बजे सदन में प्रवेश किए, सफेद कुर्ता-ग्रे जैकेट में। बीजेपी सांसदों ने 'भारत माता की जय' के नारे लगाए। प्रियंका गांधी वाड्रा और मणिकम टैगोर ने संक्षिप्त चर्चा कर हंगामा न करने का निर्णय लिया। 1:59 बजे असदुद्दीन ओवैसी आए। 2 बजे पीएम ने बयान शुरू किया, कहा कि भारत 60% एलपीजी आयात करता है और पिछले 10 वर्षों में ऊर्जा विविधीकरण के कदम सहायक सिद्ध हो रहे हैं। उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में रुकावट को अस्वीकार्य बताया। विपक्षी बेंचें शांत रहीं; प्रियंका ध्यान से सुन रही थीं। टीएमसी सांसद 2:03 बजे आए। बयान 2:24 बजे समाप्त हुआ। राहुल गांधी, के.सी. वेणुगोपाल अनुपस्थित थे। यह संसदीय राजनीति में दुर्लभ परिपक्वता का क्षण था।