पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मोदी सरकार की आयतुल्लाह खामेनेई की कथित हत्या पर चुप्पी को त्याग बताया है। उन्होंने संसद के बजट सत्र के दूसरे भाग में इस अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के विघटन पर सरकार की 'व्यथित करने वाली चुप्पी' पर खुली बहस की मांग की है।
सोनिया गांधी ने आयतुल्लाह सैयद अली होसैनी खामेनेई की हत्या पर भारत सरकार की चुप्पी की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे तटस्थता नहीं बल्कि त्याग करार दिया।
गांधी ने कहा कि जब संसद बजट सत्र के दूसरे भाग के लिए पुनः बुलाई जाएगी, तो सरकार की इस 'व्यथित करने वाली चुप्पी' पर खुली और बिना टालमटोल के बहस होनी चाहिए। यह बयान ईरान, इजरायल और अमेरिका से जुड़े अंतरराष्ट्रीय तनाव के संदर्भ में आया है।
खामेनेई, ईरान के सर्वोच्च नेता हैं, और उनकी कथित हत्या ने वैश्विक व्यवस्था को प्रभावित किया है। गांधी की मांग विपक्ष की ओर से सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाने का हिस्सा लगती है।
यह घटना भारतीय राजनीति में अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा को उजागर करती है, जहां विपक्ष सरकार से स्पष्टता की अपेक्षा करता है।