भारत के विदेश मामलों के राज्यमंत्री पाबित्रा मार्गेरिटा ने नई दिल्ली में ईरान दूतावास द्वारा आयोजित ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की चालीसवें दिन की शोक सभा में भाग लिया। उन्होंने भारत सरकार की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की, जैसा कि MEA प्रवक्ता रणधीर जायस्वाल ने बताया। यह कदम भारत-ईरान के गहरे संबंधों को रेखांकित करता है।
नरेंद्र मोदी सरकार का प्रतिनिधित्व करते हुए विदेश मामलों के राज्यमंत्री पाबित्रा मार्गेरिटा ने नई दिल्ली में ईरान दूतावास द्वारा आयोजित चेहेलुम (चालीसवें दिन की शोक सभा) में शिरकत की। यह आयोजन ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के 40वें दिन का था।
MEA प्रवक्ता रणधीर जायस्वाल ने एक्स पर पोस्ट में कहा, “India–Iran relations are anchored in deep-rooted civilizational, cultural and people-to-people ties।” उन्होंने बताया कि मार्गेरिटा ने भारत सरकार की ओर से पूर्ण सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी।
खामेनेई की हत्या 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हवाई हमले में हुई थी, जिससे पश्चिम एशिया में छह सप्ताह तक चला युद्ध शुरू हो गया। युद्ध पिछले मंगलवार को घोषित युद्धविराम के साथ समाप्त हुआ। भारत ने 5 मार्च को विदेश सचिव विक्रम मिस्री के माध्यम से संवेदना व्यक्त की थी, जिन्होंने ईरान दूतावास में संवेदना पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए।
भारत ने ईरान-अमेरिका संघर्ष को जल्द समाप्त करने के लिए संवाद और कूटनीति की बार-बार अपील की है। सरकार ने पश्चिम एशिया में रहने वाले लगभग 1 करोड़ भारतीयों के हितों तथा व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान की आशंका व्यक्त की है, जो अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।