प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 मार्च 2026 को तिरुचि में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारत पश्चिम एशिया संघर्ष से उत्पन्न ऊर्जा संकट को कोविड-19 महामारी की तरह सफलतापूर्वक पार कर लेगा। उन्होंने नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने का आग्रह किया। मोदी ने भारत-प्रथम नीति पर जोर देते हुए कहा कि सरकार भारतीय हितों की रक्षा करेगी।
11 मार्च 2026 को तिरुचि में एक एलपीजी संकट पर केंद्रित सार्वजनिक सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रभावों पर चर्चा की। उन्होंने कहा, “पश्चिम एशिया संघर्ष ने पूरे विश्व की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया है। हम भारत-प्रथम की विचारधारा में विश्वास करते हैं। आपने देखा है कि हमारी सरकार किसी भी स्थिति में भारतीयों के हितों की रक्षा कैसे करती है। इस बार भी हमारे प्रयास वही रहेंगे।”
मोदी ने कोविड-19 महामारी के दौरान 140 करोड़ भारतीयों की परिपक्वता का उदाहरण दिया, जब देश ने दुनिया को एकजुटता दिखाई। उन्होंने अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल सत्यापित जानकारी फैलाने का आग्रह किया। “कोई घबराहट की जरूरत नहीं है या अफवाहों पर ध्यान देने की। आइए हम केवल सही और सत्यापित जानकारी फैलाएं,” प्रधानमंत्री ने कहा। “इसी तरह, मैं विश्वास करता हूं कि राष्ट्र के रूप में हम हर स्थिति को सफलतापूर्वक नेविगेट करेंगे।”
यह बयान ईरान-इज़राइल युद्ध से जुड़े एलपीजी की कमी के मुद्दों के बीच आया, जहां एनडीए रैली के संदर्भ में मोदी ने एकता पर जोर दिया। स्रोत के अनुसार, सरकार ऊर्जा संकट से निपटने के लिए सक्रिय प्रयास कर रही है, हालांकि विशिष्ट उपायों का उल्लेख नहीं किया गया।