भारत की पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, पहली महिला लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार और यूपी की पूर्व सीएम मायावती ने केंद्र सरकार के लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण को तेजी से लागू करने के प्रयासों का समर्थन किया है। प्रतिभा पाटिल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इसे ऐतिहासिक असमानताओं को दूर करने की दिशा में निर्णायक कदम बताया। मीरा कुमार ने 30 वर्षों से चली आ रही लड़ाई का जिक्र किया।
पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, लोकसभा की पूर्व स्पीकर मीरा कुमार और बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने केंद्र सरकार द्वारा पेश तीन विधेयकों का समर्थन किया है, जो लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण को 2029 तक लागू करने का लक्ष्य रखते हैं।
प्रतिभा पाटिल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में कहा, "यह विधान ऐतिहासिक असमानताओं को दूर करने और अधिक न्यायपूर्ण एवं समान समाज बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है।" मीरा कुमार ने याद दिलाया कि यह संघर्ष पिछले 30 वर्षों से चल रहा है, जब 1996 में गीता मुखर्जी की अध्यक्षता वाली संयुक्त संसदीय समिति ने ड्राफ्ट बिल की जांच की थी।
मायावती ने इस कदम का स्वागत "विलंब के बावजूद" किया और कहा कि यदि इसमें ओबीसी महिलाओं के लिए अलग आरक्षण होता तो बेहतर होता। पाटिल और कुमार कांग्रेस की वरिष्ठ नेता हैं, जो केंद्र के इन विधेयकों को जल्दबाजी और अपारदर्शी बताकर आलोचना कर रही है।
ये विधेयक संविधान संशोधन विधेयक 131 के तहत 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन और लोकसभा सीटों में वृद्धि से जुड़े हैं।