तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में डीएमके की करारी हार के बाद उत्तर प्रदेश के विधायक राजा भैया ने उदयनिधि स्टालिन के 2023 के सनातन धर्म वाले बयान पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'मिट गए सनातन को मिटाने का सपना देखने वाले।' यह टिप्पणी डीएमके की बुरी पराजय के संदर्भ में आई है।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के 4 मई 2026 को आए नतीजों में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) को भारी हार का सामना करना पड़ा। तमिल सुपरस्टार विजय की पार्टी तमिलागा वेट्ट्री कझगम (टीवीके) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जिसने 107-108 सीटें जीतीं, जबकि डीएमके को करीब 60 सीटें मिलीं।
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अपनी कोलाथुर सीट से हार गए, जहां टीवीके के वीएस बाबू ने उन्हें 8700 वोटों से हराया। चेन्नई में टीवीके ने डीएमके का गढ़ भेदकर 14 में से 16 सीटें जीत लीं। डीएमके मंत्री केआर पेरियाकरुप्पन तिरुप्पत्तुर से मात्र एक वोट से हार गए।
इन नतीजों के बाद कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, "मिट गए सनातन को मिटाने का सपना देखने वाले।" यह टिप्पणी 2023 के उस बयान पर थी, जिसमें डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को सामाजिक न्याय के खिलाफ बताते हुए कोरोना, मलेरिया जैसी बीमारियों से तुलना की थी और कहा था कि इसे समाप्त किया जाना चाहिए।
उस समय भी राजा भैया ने इसे हिंदुओं के प्रति घृणा बताया था। अब तमिलनाडु चुनावी हार के बाद पुराना विवाद फिर गरमा गया है।