82 साल की उम्र में सायेदा जासिमुननेसा खातून, जिन्हें रानी हामिद के नाम से बेहतर जाना जाता है, शतरंज की दुनिया में सबसे बुजुर्ग सक्रिय महिला खिलाड़ियों में से एक बनी हुई हैं। खेल में उनके दशकों के योगदान बिना रुके जारी हैं। उनके काम के प्रति लोगों का प्यार उन्हें प्रेरित रखता है।
सायेदा जासिमुननेसा खातून को उनके पूरे नाम से पहचानना अक्सर मुश्किल होता है, क्योंकि शतरंज समुदाय में वे लंबे समय से रानी हामिद के नाम से जानी जाती हैं। अब 82 वर्ष की आयु में, उन्होंने इस खेल को दशकों समर्पित किया है। रानी हामिद वैश्विक स्तर पर सबसे बुजुर्ग सक्रिय महिला शतरंज खिलाड़ियों में से एक हैं। इस क्षेत्र में उनकी दृढ़ता उनकी अटूट जुनून को रेखांकित करती है। जैसा कि लेख का शीर्षक संकेत देता है, 'लोगों का प्यार' उनके करियर के इस चरण में रानी के लिए मुख्य प्रेरणा बनी हुई है। प्रशंसकों और समुदाय से यह स्नेह बांग्लादेश और उसके बाहर शतरंज पर उनके स्थायी प्रभाव को रेखांकित करता है। हालांकि हाल के विशिष्ट घटनाक्रमों का विवरण नहीं दिया गया है, उनकी निरंतर गतिविधि प्रतिस्पर्धी शतरंज में दीर्घायु का प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करती है।