रतन टाटा, प्रसिद्ध भारतीय उद्योगपति, आज के उद्धरण में निर्णय लेने पर अपनी दृष्टि साझा करते हैं, कहते हुए, “मैं सही निर्णय लेने में विश्वास नहीं करता, मैं…” यह उनके नेतृत्व शैली को दर्शाता है जो सावधानी के बजाय दृढ़ संकल्प पर आधारित है, जिसमें जिम्मेदारी, सीखना और नैतिक साहस पर जोर दिया गया है।
रतन टाटा ने नेतृत्व को परिभाषित करने में सावधानी के बजाय दृढ़ संकल्प को महत्व दिया है। आज के उद्धरण में, वे कहते हैं, “मैं सही निर्णय लेने में विश्वास नहीं करता, मैं…” यह वाक्य उनके दर्शन को प्रतिबिंबित करता है जो जिम्मेदारी, सीखने और नैतिक साहस पर आधारित है।
टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन के रूप में, रतन टाटा भारतीय व्यवसाय जगत के एक प्रमुख प्रतीक हैं। उनका यह उद्धरण निर्णय लेने की प्रक्रिया में विश्वास और नैतिकता की भूमिका को उजागर करता है। प्रकाशन तिथि 8 जनवरी 2026 को है, जो शिक्षा और सामान्य ज्ञान के क्षेत्र में वर्तमान मामलों पर केंद्रित है।
कीवर्ड जैसे 'उद्धरण ऑफ द डे', 'रतन टाटा उद्धरण', 'रतन टाटा नेतृत्व', 'भारतीय व्यवसाय आइकॉन', 'निर्णय लेने का दर्शन' और 'टाटा समूह विरासत' इस सुविधा के संदर्भ को स्पष्ट करते हैं। यह उद्धरण पाठकों को प्रेरित करता है कि निर्णय सही या गलत होने से अधिक, जिम्मेदार और नैतिक होने चाहिए।