श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए गए। विशेष जांच टीम की अंतरिम रिपोर्ट में सीसीटीवी फुटेज से 70 मामलों के संकेत मिले हैं।
अयोध्या में 6 जुलाई 2026 को ट्रस्ट की उच्च स्तरीय बैठक हुई जिसमें पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए। कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चंपत राय का मामले से कोई संबंध नहीं है और वे उनकी नजर में निर्दोष हैं।
विशेष जांच टीम की अंतरिम रिपोर्ट के अनुसार 27 अप्रैल से 5 जून 2026 तक की सीसीटीवी फुटेज में कर्मचारियों द्वारा नोट छिपाने, कैमरे ढंकने और गबन जैसी 70 गतिविधियों के सबूत मिले। रिपोर्ट में छह लोगों अवनीश शुक्ला, अनुज कुमार मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, कृष्णम पांडेय और रामशंकर मिश्रा की प्रथम दृष्टया संलिप्तता बताई गई।
रिपोर्ट में डॉ अनिल मिश्रा पर सुरक्षा और तलाशी व्यवस्था में ढील देने का आरोप लगाया गया। ट्रस्ट ने दावा किया कि 2926 प्रकार के भौतिक चढ़ावे का रिकॉर्ड रखा गया है और रामचरितमानस सुरक्षित है।