बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान यादव परिवार में मतभेद उभर आए हैं। महुआ में तेजस्वी यादव के पार्टी को सर्वोच्च बताने के बयान पर उनके बड़े भाई तेज प्रताप ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जनता ही असली मालिक है।
बिहार की राजनीति में यादव परिवार के भीतर मतभेद एक बार फिर सामने आ गए हैं। 3 नवंबर 2025 को पटना से रिपोर्ट के अनुसार, महुआ विधानसभा क्षेत्र में रविवार को तेजस्वी यादव ने एक जनसभा में कहा, 'कोई आए, कोई जाए, पार्टी से बड़ा कोई व्यक्ति नहीं है। पार्टी ही मां-बाप है। पार्टी है तो सब है। पार्टी नहीं तो कोई कुछ नहीं है।' वे आरजेडी उम्मीदवार मुकेश रौशन के समर्थन में वैशाली जिले के महुआ पहुंचे थे।
तेज प्रताप यादव, जो जनशक्ति जनता दल के प्रमुख हैं, ने इस बयान पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा, 'हमारे छोटे और नादान भाई ने आज कहा कि पार्टी से बड़ा कोई नहीं होता है। लेकिन हम अपने छोटे भाई से कहना चाहेंगे कि पार्टी से बड़ी हमारी जनता होती है। वही मालिक है। लोकतंत्र में सबसे बड़ी केवल जनता होती है। कोई पार्टी या परिवार नहीं।' तेज प्रताप ने महुआ को अपनी राजनीतिक कर्मभूमि बताते हुए जोड़ा, 'महुआ मेरी राजनीतिक कर्मभूमि है और मेरे लिए पार्टी और परिवार से कहीं बढ़कर है। पार्टी केवल एक व्यवस्था है लेकिन जनता हमारी मालिक है।'
महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के दावेदार तेजस्वी यादव के इस बयान से पहले, उनकी बहन रोहिणी आचार्य ने राघोपुर में तेज प्रताप के बारे में कहा, 'तेज प्रताप मेरा भाई है। मेरा आशीर्वाद हमेशा उसके साथ रहेगा। वह जनता की सेवा करेंगे, जीतेंगे। हर बहन चाहती है कि परिवार एकसाथ रहे। हमारी बात होती रहती है।' यह घटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के संदर्भ में महत्वपूर्ण है, जहां तेज प्रताप और तेजस्वी के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता बढ़ रही है।