उदयपुर वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल में तुर्की गायिका सेलिन स्यूंबुल्तेपे का प्रदर्शन एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के विरोध के कारण रद्द कर दिया गया। कार्यकर्ताओं ने तुर्की के पाकिस्तान को ड्रोन आपूर्ति करने का आरोप लगाया। यह 10वीं वर्षगांठ मना रहे समारोह का हिस्सा था, जो राजस्थान पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित किया गया था।
उदयपुर वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल का आयोजन राजस्थान पर्यटन विभाग द्वारा किया गया था, जिसमें कई अंतरराष्ट्रीय संगीतकारों ने भाग लिया। शनिवार शाम को 7 बजे निर्धारित तुर्की गायिका सेलिन स्यूंबुल्तेपे के प्रदर्शन को मात्र 30 मिनट पहले रद्द कर दिया गया। यह फैसला नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद लिया गया।
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने तुर्की पर पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ड्रोन प्रदान करने का आरोप लगाया और कहा कि ऐसे देश के कलाकारों को भारत में मंच नहीं देना चाहिए। विरोध दोपहर 2 बजे जिला कलेक्ट्रेट के बाहर शुरू हुआ, जहां कार्यकर्ताओं ने अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) शहर जीतेंद्र ओझा को ज्ञापन सौंपा। शाम को वे फेस्टिवल स्थल गांधी ग्राउंड के प्रवेश द्वार पर पहुंचे, जहां उन्होंने तख्तियां लहराईं और नारे लगाए।
प्रदर्शन स्थल पर विरोध के बाद आयोजकों ने शो रद्द करने का ऐलान किया। उदयपुर कलेक्टर नमित मेहता ने भारतीय एक्सप्रेस के संदेश का जवाब नहीं दिया। एडीएम जीतेंद्र ओझा ने कहा कि उन्हें कार्यक्रम रद्द होने की कोई जानकारी नहीं है। पूर्व एनएसयूआई जिला अध्यक्ष मोहित नायक ने तुर्की कलाकारों को आमंत्रित करने को गलत बताया। उन्होंने कहा, "तुर्की ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान का समर्थन किया है और भारत-विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहा है। मेवाड़ की पवित्र भूमि पर ऐसा प्रदर्शन अस्वीकार्य है।" नायक ने राजस्थान सरकार पर बीजेपी की दोहरी नीति का आरोप लगाया।
आयोजकों ने एनएसयूआई को आश्वासन दिया कि भविष्य में तुर्की कलाकारों के कार्यक्रम नहीं होंगे। नायक ने चेतावनी दी, "कठिन समय में हमारे दुश्मनों की मदद करने वाले देश के कलाकारों को मंच देना अनुचित है, खासकर महाराणा प्रताप की भूमि पर। यह मेवाड़ की छवि को धूमिल करेगा।" इस घटना में किसी अन्य कलाकार का प्रदर्शन रद्द नहीं हुआ।